Pubg Mobile Tournament - अगर आप भी Pubg खेलना पसंद करते है तो आपने भी Pubg Mobile Tournament के बारेमा सुनाही होगा। हाल ही में India ...

Pubg Mobile Tournament - Registration India

Pubg Mobile Tournament - अगर आप भी Pubg खेलना पसंद करते है तो आपने भी Pubg Mobile Tournament के बारेमा सुनाही होगा। हाल ही में India tournament का registration शुरू हुवा है. आप भी Pubg Mobile Tournament registration करके जित कर पैसे कमा सकते हो.

जानकारी के लिए बता दे के यह Pubg Mobile Tournament में 4 लोगो की जरूर होती। अगर आप भी registration करवाना चाहते हो तो आके पास भी 4 प्लेयर होने जरुरी है. India Tournament चार अलग अलग जगह से किये जा रहे है. जिसमे आप नजदीकी सिटी से registration करवा सकते हो.



Pubg Mobile Tournament Registration Kaise kare?


अगर आप भी Pubg Mobile Tournament के लिए registration करवाना चाहते हो तो ये बहुत ही आसान है. Registration के लिए आफ है किल्क कर सकते है. Pubg Mobile Tournament Registration. इस Pubg Mobile India साइट पर जाके आपको Registration बटन पर क्लिक करना है.

Registration बटन पर क्लिक करनेके बाद आपको अपना इनफार्मेशन डालना पड़ेगा. जैसे की नाम, ईमेल और नंबर और कोई एक वेलिड गॉवर्मेँट आईडी की भी जरुरत पड़ेगी.  इतना करने के बात आपको निचे बटन दिखाई देगा Registration For India Tour.

इतना करने के बाद आपको एक मेल आएगा. ईमेल में जगे आपको अपना अकाउंट एक्टिव करना पड़ेगा. एक्टिव करने के बाद आप अपना स्क्वॉर्ड यानिकि अपने 4 प्लेयर सेलेक्ट कर सकते हो. वापिस वेबसाइट पर जाके लॉगिन कर लीजिये और वहा पे Create Your Squad दिखाई देगा वहा से अपने 4 प्लेयर ऐड कर सकते हो.

इसके बाद आप अपना नियर सिटी सेलेक्ट करके registration कम्पलीट कर सकते हो. Pubg Mobile Tournament के registration का वीडियो भी देखना चाहते हो तो ऊपर दी गयी लिंक पर आपको Pubg Mobile Tournament के ऑफिसियल वेबसाइट पर वीडियो भी मिल जायेगे।



Pubg Mobile Tournament kon kon se City hai?


Pubg Mobile Tournament 4 सिटी से खेला जायेगा. आप कही भी रहते है आप registration करवा सकते हो अपने नियर सिटी में. Group A - Jaipur, Group B - Guwahati, Group C - Pune, Group D - Vizag.

Pubg Mobile Tournament Prizes


अगर टूर्नामेंट के Prizes की बात करे तो 1.5 करोड़ का prizes रखा गया है. जिसमे नंबर एक पर आने वालेको 50 लाख का इनामी राशि मिलेगा.

यह भी पढ़े : अंबानी फैमिली से लेकर नुसरत जहां तक, इनसे साड़ी बंधवाती हैं देश की बड़ी हस्तियां


Pubg Mobile Tournament के लिए आप लास्ट ग्रुप माँ 25 ऑगस्ट तक रजिस्ट्रेशन करवा सकते हो. उसके बाद रजिस्ट्रेशन प्रोसेस बंध हो जायेगा.

Pubg Mobile Tournament Procession

Pubg Mobile Tournament को अलग अलग स्टेप में किया हुवा है. इसमें सबसे पहला स्टेप आपको registration करवाना रहेगा उसके बाद In-Game Qulifiers round होगा उसके बाद online Playoffs मैच होंगे. फिर group Finals उसके बाद Wild Card Entry जो की 8 ओक्टोबर से 11 ओक्टोबर तक होंगे. 

Pubg Mobile Tournament में इतने स्टेप पार कर लेते हो तो आपको सीधा खेलने का मौका मिलेंगे Pubg Final में जो की होगा 20 ओक्टोबर को.

ऊपर दिए गए तारीखों में बदलाव हो सकता है.

लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाली तृणमूल कांग्रेस की सासंद नसुरत जहां ने मंगलवार को शपथ ली. नुसरत की शपथ से ज्यादा चर्चे उनकी साड...


लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाली तृणमूल कांग्रेस की सासंद नसुरत जहां ने मंगलवार को शपथ ली. नुसरत की शपथ से ज्यादा चर्चे उनकी साड़ी और स्टाइलिश अंदाज के हो रहे हैं. नुसरत ने गुलाबी बॉर्डर वाली एक व्हाइट प्रिंटेड साड़ी पहनी थी. इस दौरान उनका साड़ी बांधने का तरीका भी एकदम अलग था.

संसद में शपथ लेते वक्त जिस साड़ी में नुसरत नजर आई थीं, उसे बांधने के लिए एक्सपर्ट डॉली जैन को बुलाया गया था. डॉली जैन फैशन की दुनिया में एक जाना माना नाम है. बॉलीवुड समेत देश की कई बड़ी हस्तियों की शादियों में डॉली अपनी साड़ी बांधने की कला दिखा चुकी हैं.


गिनीज वर्ल्ड बुक में नाम दर्ज-



आज तक से हुई खास बातचीत में डॉली ने बताया कि साड़ी बांधने की इस कला को ड्रैपिंग कहा जाता है. डॉली एक ही साड़ी को 325 तरह से बांधने में माहिर हैं. डॉली के सोशल मीडिया प्रोफाइल से पता लगा कि उनके नाम सबसे तेज (18.5 सेकंड) साड़ी बांधने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है.


दीपिका से लेकर प्रियंका तक-



नुसरत जहां के अलावा डॉली अंबानी परिवार की बहु श्लोका मेहता, बेटी इशा अंबानी, प्रियंका चोपड़ा, सोनम कपूर, दीपिका पादुकोण और करिश्मा कपूर जैसी हस्तियों की साड़ी बांध चुकी हैं. इसके अलावा भी कई बड़े सेलिब्रिटी अपने फंक्शन को साड़ी बांधने का न्योता दे चुके हैं.


कैसे आया साड़ी बांधने का आइडिया-



डॉली ने बताया कि साड़ी बांधने की यह विशेष कला कठिन परिस्थितियों में उन्होंने सीखी थी. शादी के बाद उनके पास फंक्शन में पहनकर जाने के लिए सिर्फ एक ही साड़ी होती थी. हर जगह एक ही साड़ी पहनना उन्हें अखरने लगा था. तभी उन्होंने साड़ी बांधने के अलग-अलग तरीके खोज निकाले. वह हर रोज रात 11 से लेकर 2 बजे तक साड़ी बांधने की प्रैक्टिस करने लगीं.


ऐसे बनाया प्रोफेशन-


डॉली जब साड़ी बांधने में परफेक्ट हो गई तो उन्होंने सोचा कि क्यों न इस कला को प्रोफेशन में तब्दील किया जाए. छोटे स्तर पर काम शुरू करने वाली डॉली जैन आज देश की जानी मानी सेलिब्रिटी ड्रैप आर्टिस्ट बन चुकी हैं. उनके पास आज 25 लोगों की टीम है. डॉली ने बताया कि उनकी टीम साड़ी बांधने के लिए 10 से 15 हजार रुपये तक चार्ज करती है.

वृद्ध विधवा मां ने खेतों में मेहनत-मजदूरी कर अपनी तीन बेटियों को अफसर बनाने का सपना साकार कर दिखाया। मां का कहना है कि उसने अपने पति क...


वृद्ध विधवा मां ने खेतों में मेहनत-मजदूरी कर अपनी तीन बेटियों को अफसर बनाने का सपना साकार कर दिखाया। मां का कहना है कि उसने अपने पति की अंतिम इच्छा पूरी की। जो चाहते थे कि उनकी तीनों बेटियां बड़ी अफसर बनें। इकलौता बेटा भी पिता की इच्छा पूरी करने के लिए पढ़ाई छोड़ मेहनत-मजदूरी में जुट गया, ताकि बहनें पढ़ सकें।

जज्बातों से भरी यह कहानी जयपुर जिले के सारंग का बास गांव की है। जहां 55 वर्षीय मीरा देवी की तीन बेटियों कमला चौधरी, ममता चौधरी और गीता चौधरी ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा में सफलता हासिल की।




मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारमीरा का कहना है कि स्वर्गवासी पति गोपाल की अधूरी इच्छा पूरी करना ही उनके जीवन का मकसद था।गोपाल अपनी तीनों बेटियों को अफसर बनाना चाहते थे। विधवा मां ने इस सपने को पूरा करने के लिए गरीबी को आड़े नहीं आने दिया। बेटे ने भी त्याग किया।


गांव के छोटे से कच्चे घर में रहने वाली बेटियों ने भी मन लगाकर पढ़ाई की। तीनों ने मिलकर योजना बनाई और दो साल जमकर प्रशासनिक सेवा की तैयारी की। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा भी दी थी, लेकिन कुछ अंक से पीछे रह गईं। फिर राजस्थान प्रशासनिक सेवा की परीक्षा दी और उसमें वे सफल हो गईं।



तीनो में सबसे बड़ी कमला को ओबीसी रैंक में 32वां स्थान मिला, वहीं गीता को 64वां और ममता को 128वां स्थान मिला। मीरा देवी का कहना है कि कई सालों तक बीमार रहे पति का दो साल पहले देहांत हो गया। इसके बाद से बेटियों ने पिता का सपना पूरा करने के लिए दिन-रात पढ़ाई करना शुरू किया।

क्रिकेट आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में आज नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से होना है। ट्रेंट ब्रिज मैदान पर रुक...

क्रिकेट-नॉटिंघम में बारिश के चलते भारत-न्यूजीलैंड के बीच मैच में देरी

क्रिकेट

आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में आज नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से होना है। ट्रेंट ब्रिज मैदान पर रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बारिश की वजह से मैदान पूरी तरह से गीला हो गया है। ऐसे में मैच शुरू होने में देरी होगी। दोपहर 3 बजे एक बार समीक्षा की जाएगी, इसके बाद मैच को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा।

न्यूजीलैंड ने तीन मैच खेले हैं और तीनों में जीत हासिल की है। भारत ने दो मैचों खेले हैं और दोनों में उसे जीत मिली है। अभ्यास मैच में भारत का सामना न्यूजीलैंड से हो चुका है। भारत को अभ्यास मैच में और वहां उसे हार मिली थी। अभ्यास मैच में कीवी टीम के सामने भारत की बल्लेबाजी ढह गई थी। इस मैच में भारतीय टीम अपनी उस हार को ध्यान में रखकर सतर्क रहते हुए उतरेगी।

भारत का सतर्क रहना जरूरी भी है, क्योंकि इस मैच में उसके प्रमुख बल्लेबाजों में से एक शिखर धवन नहीं होंगे। धवन अंगूठे में चोट लगने की वजह से बाहर हो गए हैं। धवन जैसी फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज का बाहर होना भारत के लिए एक बड़ी परेशानी है। धवन की जगह न्यूजीलैंड के खिलाफ लोकेश राहुल, रोहित शर्मा के साथ बतौर सलामी जोड़ी मैदान पर अपना दम दिखाएंगे। राहुल पिछले दो मैचों में नंबर-4 पर खेले थे। अब कप्तान विराट कोहली नंबर-4 पर किसे उतारते हैं यह टॉस के बाद पता चलेगा। कोहली के पास हरफनमौला खिलाड़ी विजय शंकर और अनुभवी दिनेश कार्तिक के रूप में दो विकल्प हैं।- क्रिकेट

वेद कहते हैं कि जो जन्मा है, वह मरेगा अर्थात जो बना है, वह फना है। वेदों के अनुसार ईश्वर या परमात्मा अजन्मा, अप्रकट, निराकार, निर्गुण ...

Balbholenath katha

वेद कहते हैं कि जो जन्मा है, वह मरेगा अर्थात जो बना है, वह फना है। वेदों के अनुसार ईश्वर या परमात्मा अजन्मा, अप्रकट, निराकार, निर्गुण और निर्विकार है। अजन्मा का अर्थ जिसने कभी जन्म नहीं लिया और जो आगे भी जन्म नहीं लेगा। प्रकट अर्थात जो किसी भी गर्भ से उत्पन्न न होकर स्वयंभू प्रकट हो गया है और अप्रकट अर्थात जो स्वयंभू प्रकट भी नहीं है। निराकार अर्थात जिसका कोई आकार नहीं है, निर्गुण अर्थात जिसमें किसी भी प्रकार का कोई गुण नहीं है, निर्विकार अर्थात जिसमें किसी भी प्रकार का कोई विकार या दोष भी नहीं है।

अब सवाल यह उठता है कि फिर शिव क्या है? वे किसी न किसी रूप में जन्मे या प्रकट हुए तभी तो उन्होंने विवाह किया। तभी तो उन्होंने कई असुरों को वरदान दिया और कई असुरों का वध भी किया। दरअसल, जब हम ‘शिव’ कहते हैं तो वह निराकर ईश्वर की बात होती है और जब हम ‘सदाशिव’ कहते हैं तो ईश्वर महान आत्मा की बात होती है और जब हम शंकर या महेश कहते हैं तो वह सती या पार्वती के पति महादेव की बात होती है। बस, हिन्दूजन यहीं भेद नहीं कर पाते हैं और सभी को एक ही मान लेते हैं। अक्सर भगवान शंकर को शिव भी कहा जाता है।

भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ?

शिवपुराण के अनुसार भगवान सदाशिव और पराशक्ति अम्बिका (पार्वती या सती नहीं) से ही भगवान शंकर की उत्पत्ति मानी गई है। उस अम्बिका को प्रकृति, सर्वेश्वरी, त्रिदेवजननी (ब्रह्मा, विष्णु और महेश की माता), नित्या और मूल कारण भी कहते हैं। सदाशिव द्वारा प्रकट की गई उस शक्ति की 8 भुजाएं हैं। पराशक्ति जगतजननी वह देवी नाना प्रकार की गतियों से संपन्न है और अनेक प्रकार के अस्त्र शक्ति धारण करती है। वह शक्ति की देवी कालरूप सदाशिव की अर्धांगिनी दुर्गा हैं।

उस सदाशिव से दुर्गा प्रकट हुई। काशी के आनंदरूप वन में रमण करते हुए एक समय दोनों को यह इच्‍छा उत्पन्न हुई कि किसी दूसरे पुरुष की सृष्टि करनी चाहिए, जिस पर सृष्टि निर्माण (वंशवृद्धि आदि) का कार्यभार रखकर हम निर्वाण धारण करें। इस हेतु उन्होंने वामांग से विष्णु को प्रकट किया। इस प्रकार विष्णु के माता और पिता कालरूपी सदाशिव और पराशक्ति दुर्गा हैं। विष्णु को उत्पन्न करने के बाद सदाशिव और शक्ति ने पूर्ववत प्रयत्न करके ब्रह्माजी को अपने दाहिने अंग से उत्पन्न किया और तुरंत ही उन्हें विष्णु के नाभि कमल में डाल दिया। इस प्रकार उस कमल से पुत्र के रूप में हिरण्यगर्भ (ब्रह्मा) का जन्म हुआ। एक बार ब्रह्मा और विष्‍णु दोनों में सर्वोच्चता को लेकर लड़ाई हो गई, तो बीच में कालरूपी एक स्तंभ आकर खड़ा हो गया।

तब ज्योतिर्लिंग रूप काल ने कहा- ‘पुत्रो, तुम दोनों ने तपस्या करके मुझसे सृष्टि (जन्म) और स्थिति (पालन) नामक दो कृत्य प्राप्त किए हैं। इसी प्रकार मेरे विभूतिस्वरूप रुद्र और महेश्वर ने दो अन्य उत्तम कृत्य संहार (विनाश) और तिरोभाव (अकृत्य) मुझसे प्राप्त किए हैं, परंतु अनुग्रह (कृपा करना) नामक दूसरा कोई कृत्य पा नहीं सकता। रुद्र और महेश्वर दोनों ही अपने कृत्य को भूले नहीं हैं इसलिए मैंने उनके लिए अपनी समानता प्रदान की है।’ सदाशिव कहते हैं- ‘ये (रुद्र और महेश) मेरे जैसे ही वाहन रखते हैं, मेरे जैसा ही वेश धरते हैं और मेरे जैसे ही इनके पास हथियार हैं। वे रूप, वेश, वाहन, आसन और कृत्य में मेरे ही समान हैं।’

अब यहां 7 आत्मा हो गईं- ब्रह्म (परमेश्वर) से सदाशिव, सदाशिव से दुर्गा। ‍‍सदाशिव-दुर्गा से विष्णु, ब्रह्मा, रुद्र, महेश्वर। इससे यह सिद्ध हुआ कि ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र और महेश के जन्मदाता कालरूपी सदाशिव और दुर्गा हैं।

कहां जन्म हुआ था?

उस कालरूपी ब्रह्म सदाशिव ने एक ही समय शक्ति के साथ ‘शिवलोक’ नामक क्षेत्र का निर्माण किया था। उस उत्तम क्षेत्र को ‘काशी’ कहते हैं। वह मोक्ष का स्थान है। यहां शक्ति और शिव अर्थात कालरूपी ब्रह्म सदाशिव और दुर्गा यहां पति और पत्नी के रूप में निवास करते हैं। यही पर जगतजननी ने शंकर को जन्म दिया। इस मनोरम स्थान काशीपुरी को प्रलयकाल में भी शिव और शिवा ने अपने सान्निध्य से कभी मुक्त नहीं किया था।

एक अन्य पुराण के अनुसार एक बार ऋषि-मुनियों में जिज्ञासा जागी कि आखिर भगवान शंकर के पिता कौन है? यह सवाल उन्होंने शंकरजी से ही पूछ लिया कि हे महादेव, आप सबके जन्मदाता हैं लेकिन आपका जन्मदाता कौन है? आपके माता-पिता का क्या नाम है?

इस प्रश्न का उत्तर देते हुए भगवान शिव ने कहा- हे मुनिवर, मेरे जन्मदाता भगवान ब्रम्हा हैं। मुझे इस सृष्टि का निर्माण करने वाले भगवान ब्रम्हा ने जन्म दिया है। इसके बाद ऋषियों ने एक बार फिर भगवान शंकर से पूछा कि यदि वे आपके पिता हैं तो आपके दादा कौन हुए? तब शिव ने उत्तर देते हुए कहा कि इस सृष्टि का पालन करने वाले भगवान श्रीहरि अर्थात भगवान विष्णु ही मेरे दादाजी हैं। भगवान की इस लीला से अनजान ऋषियों ने फिर से एक और प्रश्न किया कि जब आपके पिता ब्रम्हा हैं, दादा विष्णु, तो आपके परदादा कौन हैं, तब शिव ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया कि स्वयं भगवान शिव।

हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष की बहुत अधिक मान्यता दी गई है शास्त्रों के अनुसार इसकी पूजा की जाती है ऐसा माना जाता है कि पीपल के वृक्ष प...


हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष की बहुत अधिक मान्यता दी गई है शास्त्रों के अनुसार इसकी पूजा की जाती है ऐसा माना जाता है कि पीपल के वृक्ष पर सारे देवी देवता निवास करते हैं तथा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यधिक उपयोगी माना जाता है।

यह करें उपाय

-ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')

-शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')

-हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)

-नौकरी व व्यवसाय में सफलता,आर्थिक समृद्धि एवं कर्ज मुक्ति हेतु कारगर प्रयोग शनिवार के दिन पीपल में दूध, गुड, पानी मिलाकर चढायें एवं प्रार्थना करें - 'हे प्रभु ! आपने गीता में कहा है कि वृक्षों में पीपल मैं हूँ । हे भगवान ! मेरे जीवन में यह परेशानी है । आप कृपा करके मेरी यह परेशानी (परेशानी, दुःख का नाम लेकर ) दूर करने की कृपा करें । पीपल का स्पर्श करें व प्रदक्षिणा करें ।

बॉलीवुड किंग शाहरुख खान ने अपनी फिल्म में एक डायलॉग बोला है- प्यार भी एक ही बार होता है, शादी भी एक ही बार होती है और जिंदगी भी हमें ए...


बॉलीवुड किंग शाहरुख खान ने अपनी फिल्म में एक डायलॉग बोला है- प्यार भी एक ही बार होता है, शादी भी एक ही बार होती है और जिंदगी भी हमें एक ही मिलती है। यह डायलॉग टीवी की गिनी चुनी आभिनेत्रियों पर बिल्कुल सटीक बैठता है। एक ऐसी ही टीवी अभिनेत्री जसवीर कौर भी हैं। जसवीर को भी अपनी जिंदगी में एक ही बार प्यार हुआ, उसी से शादी की और आज एक खुशहाल शादीशुदा जिंदगी जी रही हैं।

सबसे पहले हम आपको जसवीर कौर का परिचय दे देते हैं। जसवीर कौर को मुख्य रूप से 'ससुराल सिमर का' और 'सीआईडी' जैसे टीवी सीरियलों में काम करने के लिए पहचाना जाता है। 29 की उम्र वाली इस टीवी अभिनेत्री ने 10 से ज्यादा टीवी धारावाहिकों में काम किया है। वह एक मशहूर टीवी अभिनेत्री हैं।


जसवीर कौर ने साल 2016 में अपने पहले प्यार और लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड विशाल मदलानी से विवाह किया है। उनके पति एक बिजनेसमैन है। वह अपने पति से बेपनाह मोहब्बत करती हैं। वह खुशहाल शादीशुदा जिंदगी जी रही हैं। जसवीर शादी के 2 साल बाद यानी बीते साल ही मां बनी हैं। उन्होंने अपनी बेटी का नाम नायरा रखा है। उनकी बेटी देखने में काफी क्यूट है। बेटी की जिंदगी में आने के बाद से उनके शादीशुदा जीवन में और भी खुशियां आ चुकी है। अब उन्हें दुनिया का सबसे बढ़िया सुख प्राप्त हो रहा है।

टीवी की यह एक्ट्रेस अपनी बेटी के काफी करीब है। शायद ही ऐसा कोई दिन होता होगा जब जसवीर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बेटी की कोई तस्वीर साझा न करती हों। वह रोजाना तौर पर अपनी बेटी की एक ना एक तस्वीर को साझा करती हैं। साथ ही वह अपने पति के साथ भी कई तस्वीरों को साझा करती हैं।