जिंदगी के सफ़र में हम गरीब क्या हुए जिंदगी के सफ़र में हम गरीब क्या हुए, वो दोस्त भी साथ छोड़ गए जो कभी करीब हुए जिंदगी भर साथ रहने...

जिंदगी के सफ़र में हम गरीब क्या हुए

जिंदगी के सफ़र में हम गरीब क्या हुए


जिंदगी के सफ़र में हम गरीब क्या हुए,
वो दोस्त भी साथ छोड़ गए जो कभी करीब हुए
जिंदगी भर साथ रहने की जो कसम खाते थे,
आज वो हमें बिच राह में छोडके अनकरीब हुए.

जिंदगी में बहुत मुश्किले है,
पर हर होइ सहारा आपना नहीं होता,
जिंदगी में बहुत दोस्त है,
पर हर कोइ ख़ास हमारा नहीं होता
पर जब से आप जेसा दोस्त मिला है,
और किसीको खास बनाना गवारा नहीं होता.

जुबान पे उल्फत है अफसाने नहीं आते,
जो बीत गए फिर से वो फ़साने नहीं आते,
यार ही होते है यारो के हमदर्द,
कोइ फ़रिश्ते यहाँ साथ निभाने नहीं आते

0 कमेन्ट यहाँ कीजिये: