Gandhiji Ke Achhe Vichar – गाँधीजी के अनमोल विचार

Gandhiji Ke Achhe Vichar : महात्मा गाँधी एक ऐसा नाम जिसे भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनियामे परिचय की जरुरत नहीं है. सत्य और अहिंसा का पुजारी जिसने पुरे अंग्रेजो को जुका दिया और भारत को आजादी दिलाइ. महात्मा गाँधीजी को बापू के नामसे भी जाना जाता है. आइये आज महात्मा गांधीजी के अनमोल विचारोको जानते है. (Gandhiji Ke Achhe Vichar)

 

Gandhiji Ke Achhe Vichar

 

व्यक्ति अपने विचारो से निर्मित है, वह जो सोचता है वही बन जाता है.

हमेशा अपने विचारो, शब्दों, और कर्मो के पूर्ण सम्ज्यास का लक्ष्य रखे. हमेशा अपने विचारोको शुध्द करने का लक्ष्य रखे और सब कुछ ठीक हो जायेगा.

आँख के बदले में आँख पुरे विश्व को अँधा बना देगी.

थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेश से बेहतर है.

खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते है.

पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हसेंगे, फिर वो आप से लड़ेगे, और तब आप जित जायेगे.

ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते है, जो कहते है और जो करते है, सामज्य में हो.

जब तक गलती कनरे की सवतंत्रता न हो तब तक सवतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है.

अपनी गलती को स्वीकारना जाडू लगाने के समान है जो सतह को चमकदार और साफ कर देती है.

में मरने के लिए तैयार हु, पर ऐसी कोइ वजह नहीं है जिसके लिए में मारने को तैयार हु.

मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है, सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन.

 

हमारा यह आर्टिकल Gandhiji Ke Achhe Vichar – गाँधीजी के अनमोल विचार पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद. अगर आप हमें कोई सुझाव देना चाहते या फिर सवाल पूछना चाहते है तो हमें कमेंट जरूर से करे.

 

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