Ganesh Chaturthi Nibandh – Ganesh Chaturthi Katha in Hindi

Ganesh Chaturthi Nibandh : आज हम Ganesh Chuturthi Nibandh के बारेमें बात करने जा रहे है साथ ही साथ Ganesh Chaturthi Katha in Hindi के बारेमे बताने जा रहे है.

Ganesh Chaturthi Nibandh

गणेश चतुर्थी एक हिन्दू त्यौहार (Hindu Tyohar) है. वास्तव में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) कब मनाई गई इसके विषय में कोई जानकारी नहीं है लेकिन हिस्ट्री के अनुसार सबसे पहला गणेश चतुर्थी उत्सव सातवाहन, राष्ट्र-कूट और चाकुक्या वंश द्वारा मनाया गया. यह वोह वंश थे जो कभी मध्य उतर और दक्षिण भारत में शाशन करते थे. लेकिन 18 इ.स. आते आते जब भारत में ब्रिटिश गवर्नमेंट ने राज करना शरू किया. तब दबाव के चलते ब्रिटिश गवर्नमेंट ने हिन्दू तेहवारो पर बेन लगा दिया.

तब भारतीय सेनानी और नेताओ ने एक जुट होकर ब्रिटिश के नियमो के विरोध किया और इन राष्ट्रवादी और समाजवादी नेताओ में एक बालगंगाधर तिलक थे. जिन्होंने ब्रिटिश राज में गणेश उत्सव को वापिस लाया.

1893 में गणेश उत्सव को धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम के रूप में स्थापित किया गया. फिर उसे उसी जोश के साथ फिर से मनाना शरू किया गया.

इससे पहले गणेश चतुर्थी महोत्सव महाराष्ट्र में महान मराठा शाशक छत्रपति शिवाजी (Chhatrapati Shivaji) महाराज द्वारा संस्कृति और राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के लिए शरु किया गया था.

गणेश चतुर्थी एक हिन्दू पर्व है जो उनके जन्मदिन के अवसर पर उनका स्वागत करने के लिए हर वर्ष मनाया जाता है. वो माता पार्वती और भगवान शिव के प्यारे बेटे है. पुरे भारत में हिन्दू धर्म के लोग ये मानते है की हर वर्ष गणेश जी धरती पर पधारते है और लोगो को उनको मनचाहा आशीर्वाद प्रदान करते है.

भगवान गणेश हिन्दू धर्म के बहुत प्रसिद्ध ईश्वर है जो भक्तो को बुद्धि और समृद्धि प्रदान करते है. वो लोको के जीवन से सभी बाधाओं और मुस्किलो को हटाते है. साथ ही साथ उनके जीवन को खुशियों से भर देते है. कोई भी नया काम करने से पहले भारत में लोग भगवान गणेश की पूजा करते है.

हमारे देश में कई बड़े पर्व मनाये जाते है. उनमे से एक महापर्व है गणेश चतुर्थी. भारत में गणेश चतुर्थी का पर्व बहुत हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है. यह पर्व खासतौर से महाराष्ट्र, गोवा, केरल और तमिलनाडु में मनाया जाता है. यह पर्व अगस्त और सितम्बर में दस दिनों तक मनाया जाता है. गणेश चतुर्थी के दिन दस दिनों तक सुबह और शाम पूजा आरती एवम प्रसाद वितरण किया जाता है.

अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा का शोभयान निकलकर धूम-धाम के साथ नदी, समुद्र, तालाब व झील में विसर्जन किया जाता है.

Ganesh Chaturthi Katha in Hindi

पौराणिक कथा के अनुसार भगवन गणेश को माँ पार्वती ने अपने मेल से बनाया था. माँ पार्वती जब स्नान करने जा रही थी तो उन्होंने गणेश को आदेश दिया की जब तक में स्नान करके न लौटे तब तक दरवाजे पर पहरा दे. तभी भगवान शंकर वहा आ जाते है और वह गणेश को वहां से हटने को कहते है.

और काफी आग्रह करने पर भी गणेश वहा से नहीं हटते. इसी बात पर शंकर भगवान क्रोधित हो उठते है और गणेश का सर काट देते है. इतने माँ पार्वती आजाती है और अपने पुत्र का सर कटा हुवा पाती है तो बहुत क्रोधित हो उठती है. क्रोध देखकर भगवन शंकर माँ पार्वती को वचन देते है की वह गणेश को नया जीवन देंगे. इसके बाद भगवन गणेश को हाथी का सिर लगाया जाया है इसलिए भगवान गणेश को गजानन भी कहते है.

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प्रीतिमा का वर्णन-देवताओ के मूल प्रेरक भगवन गणेश है. सभी देवताओ में सबसे अग्रणी है. भगवन गणेश की प्रतिमा में बड़ा पेट, बड़ा मस्तिष्क, छोटी आँखे, लम्बी सूंढ़, एक दांत तथा हाथ में फरसा पाई जाती है. और उनका वाहन एक चूहा होता है.

भगवान गणेश को उनके लम्बे पेट के कारन लम्बोदर भी कहा जाता है.

गणेश चतुर्थी पूजा

भगवान गणेश का स्वागत करने के लिए पहले दरवाजे पर उनकी आरती की जाती है. परिवार के सभी सदस्य भगवन गणेश को विभिन्न प्रकार के पकवान और भोजन चढ़ाए जाते है. भगवन गणेश को मोदक और लड्डू अतिप्रिय है इस कारन मोदक और लड्डू चढ़ाये जाते है. घी और अगरबत्ती की आरती एवं पूजा की जाती है.

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हमारा यह पोस्ट Ganesh Chaturthi Nibandh – Ganesh Chaturthi Katha in Hindi पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद.

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